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Video: नोटबंदी के फेर में फंसे विदेशी, घूमने की मजबूरी में लगे झूमने

India TV News Desk 27 Nov 2016, 19:25:44
India TV News Desk

पुष्कर: नोटबंदी की मार से जहां लोग परेशान है वहीं भारत भ्रमण पर आए सैलानियों पर भी इसकी मार पड़ी है। पुष्कर की सड़कों पर कुछ ऐसी ही नजारा दिखा। कुछ विदेशी सैलानी सड़कों पर नाच गा कर अपने लिए रुपये इकट्ठा कर रहे हैं। उनके पास खर्च करने लायक नोट नहीं बचे हैं। उनलोगों ने बैंकों में पुराने नोट बदलवाने की कोशिश की लेकिन भीड़ की वजह से कामयाबी नहीं मिली, ऐसे में मजबूर हो कर उन्हें सड़कों पर नाचना- गाना पड़ रहा है। (देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

नोटबंदी के फेर में फंसे विदेशी

इस गीत-संगीत के पीछे भी मुश्किलों का सफर है वरना किसे शौक होता है विदेशी धरती पर यूं नाच गा कर पैसे इकट्ठा करें। कुछ लोगों के लिए ये मनोरंजन हो सकता है, कुछ लोग संवेदना जता सकते हैं इनकी हालत पर लेकिन जो कीमत इन विदेशी सैलानियों को चुकानी पड़ रही है उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। ऐसा नहीं है कि पैसों की कमी है। पैसे हैं, लेकिन जो नोट जेब हैं वो अब रद्दी के टुकड़े बन चुके हैं। ये भारत घूमने आए थे और एकाएक पता चला कि इनके नोट तो कागज का टुकड़ा बन कर रह गए हैं।

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घूमने की मजबूरी में लगे झूमने

कुछ दिन बैंक की कतारों में भी खड़े हुए थे अपने नोट बदलवाने लेकिन सुबह से शाम हो जाती थी अपनी बारी के इंतजार में कोई और चारा नहीं बचा था। मजबूर होकर साथ लाए गिटार और रिंग को ही कमाई का जरिया बनाना पड़ा। इनमें से एक लड़की को रिंग के साथ डांस करना आता था, और बाकी साथी गिटार बजाना जानते थे, भाषा की भी दिक्कत थी, हिंदी आती नहीं थी, अंग्रेजी भी टूटी फूटी आती है ऐसे में लोगों से मदद मांगने का यही एक जरिया बचा था।

सड़क पर एक बैग रखा, उसमें छोटे से कार्टन के टुकड़े पर लिख दिया YOU CAN HELP US... MONEY PROBLEM मतलब पैसों की दिक्कत है, आप हमारी मदद कर सकते हैं। पैसे इकट्ठा भी हो रहे हैं... जबतक ये वीडियो बनाया गया था तबतक उनके बैग में कुछ सौ रुपए जमा हो गए थे। अबतक कितने हुए होंगे पता नहीं, लेकिन ऐसा मुश्किल ही है कि इस तरीके से वो इतने पैसे कमा पाएं कि अपने देश लौटने का इंतजाम कर सकें।

देखिए वीडियो-

हाल ही में पुष्कर में इंटरनेशनल पशु मेला सम्पन्न हुआ है। जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी पहुंचे थे टूरिस्टों ने बताया की घंटो कतार में खड़े रहने पर भी जब उन्हें नए नोट नहीं मिले तो मजबूरी में उन्होंने ये कदम उठाया।