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राजेश-नूपुर तलवार की रिहाई टली, जेल में नहीं पहुंची है कोर्ट के आदेश की कॉपी

Written by: India TV News Desk 13 Oct 2017, 14:48:37 IST
India TV News Desk

नई दिल्ली: आरुषि के मम्मी-पापा सोमवार को जेल से रिहा हो रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी अभी जेल में नहीं पहुंची है। हाईकोर्ट ने राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। तलवार दंपति तीन साल दस महीने से गाज़ियाबाद की जेल में बंद हैं और सीबीआी की कोर्ट ने उन्हें आरुषि के मर्डर का दोषी मानकर उम्रकैद की सज़ा दी थी लेकिन हाईकोर्ट ने फैसला पलट दिया और अब आज वो आजाद हो जाएंगे। हाईकोर्ट से रिहाई के ऑर्डर हो चुके हैं और अब ये ऑर्डर गाज़ियाबाद में सीबीआई की कोर्ट में पहुंचेंगे। गाज़ियाबाद की कोर्ट से रिहाई के ऑर्डर जारी होने के बाद उसे डासना जेल पहुंचाया जाएगा, इसके बाद तलवार दंपति की रिहाई होगी। ये भी पढ़ें: राम रहीम की लाडली हनीप्रीत की करतूतों से हटा पर्दा, सहेली ने खोल दिए सारे राज़

आरुषि-हेमराज मर्डर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। परिजनों को हाईकोर्ट के फैसले से राहत मिली है, अब सभी लोग तलवार दंपति के जेल से बाहर आने का इंतज़ार कर रहे हैं। तलवार फैमिली के लोग अब से थोड़ी ही देर में डासना जेल पहुच सकते हैं जहां से वो राजेश और नुपुर तलवार को लेकर जाएंगे।

कैसे कटी रिहाई से पहले की रात?

बरी होने की खबर सुनने के बाद दोनों जेल के अंदर कल काफी अच्छे मूड में नज़र आ रहे थे। दोनों काफी रिलेक्स भी नजर आए। शाम करीब 7 बजे दोनों ने खाना खाया। रात में जेल से जाने से पहले डॉक्टर ने दोनों का रूटीन चेकअप किया, जिसमें दोनों स्वस्थ मिले। रात करीब 08:30 बजे दोनों सोने के लिए चले गए। हालांकि सूत्र बताते हैं कि काफी देर रात तक दोनों को नींद नहीं आई।

फैसले से पहले तनाव में थे तलवार

इससे पहले गुरुवार को फैसले वाले दिन राजेश और नूपुर तलवार काफी तनाव में दिख रहे थे, कोर्ट की कार्यवाही के दौरान नूपुर तलवार लगातार गुरुबाणी का पाठ कर रही थी, जबकि राजेश तलवार अपने क्लीनिक में बैठे रहे। दोनों ने सुबह का नाश्ता भी नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक सुबह से ही दोनों काफी गुमसुम बैठे थे, फैसला आने के बाद दोनों काफी खुश नज़र आये।

राजेश और नूपुर तलवार डासना जेल में अलग-अलग सेल में बंद हैं। दोनों की सेल में टीवी लगा है उसी टीवी पर दोनों ने गुरुवार को अपनी रिहाई के फैसले की खबर देखी और दोनों की आंखों में आंसू आ गये और तीन साल दस महीने बाद आज आरुषि के मम्मी-पापा को जेल से बाहर की हवा नसीब होगी।