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समाज की असहज सच्चाई को सामने लाती है नवाजुद्दीन की 'बाबूमोशाय बंदूकबाज'

Edited by: India TV Entertainment Desk 14 Aug 2017, 8:25:02 IST
India TV Entertainment Desk

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' के प्रमोशन में काफी व्यस्त हैं। वैसे तो नवाज अब तक के अपने फिल्मी करियर में कई बेहतरीन किरदारों को बखूबी पर्दे पर उतार चुके हैं, लेकिन अपनी इस फिल्म में वह बिल्कुल अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में पहली बार वह इंटीमेट सीन्स देते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' के लेखक गालिब असद भोपाली का कहना है कि यह फिल्म समाज की कुछ असहज करने वाली सच्चाई को उजागर करती है। बता दें कि इस फिल्म में सेंसर बोर्ड ने 48 कट लगाने के सुझाव दिए हैं।

भोपाली का कहना है कि फिल्म को लिखते समय उन्होंने कल्पना नहीं की थी कि देहाती फिल्म से किसी तरह का विवाद पैदा हो जाएगा। कुछ वक्त पहले ही रिलीज किया गया फिल्म का ट्रेलर फिल्म में इस्तेमाल की गई अंतरंगता व अपमानजनक भाषा का संकेत देता है। (दीपक डोबरियाल ने बताया, अब दिया जाने लगा है चरित्र अभिनेताओं को सम्मान)

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने फिल्म लिखते समय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के परिणामों को दिमाग में रखा था? भोपाली ने कहा, "नहीं। फिल्म हमारे समाज का प्रतिबिंब हैं, जिसमें बाबू का चरित्र नवाज ने निभाया है। वह एक कांट्रेक्ट किलर है, क्योंकि उसने अपना पूरा बचपन गरीबी में बिताया है। हमारी फिल्म समाज की कुछ असहज करने वाली सच्चाई को उजागर करती है।" भोपाली ने कहा कि ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ की कहानी को आकार देते समय उन्होंने वास्तविक जीवन में कई लोगों से मुलाकात की और शोध किया।